


राष्ट्रीय खेल दिवस (एनएसडी) 2025 समारोह का नेतृत्व फिट इंडिया मिशन द्वारा किया जाएगा और प्रेरक थीम ‘एक घंटा, खेल के मैदान में’ के तहत 29 से 31 अगस्त तक तीन दिवसीय, राष्ट्रव्यापी खेल और फिटनेस आंदोलन के रूप में आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन जीवनशैली से जुड़े रोगों से बचाव के लिए प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट शारीरिक गतिविधि के लिए समर्पित करने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने का प्रयास करता है। एनएसडी 2025 की भावना उत्कृष्टता, मित्रता, सम्मान के ओलंपिक मूल्यों और साहस, दृढ़ संकल्प, प्रेरणा और समानता के पैरालंपिक मूल्यों को भी विशेष सम्मान देती है। प्रख्यात एथलीट और जन प्रतिनिधि भी समारोह में भाग लेने और देश के सभी हिस्सों में खेल गतिविधियों में शामिल होने के लिए तैयार हैं। विख्यात खिलाड़ी 29 अगस्त को राज्य की राजधानियों के साथ-साथ सभी जिलों में खेल के मैदानों पर कदम रखेंगे।
मेजर ध्यानचंद: खेल के माध्यम से युवाओं की प्रेरक पीढ़ियां
भारत में खेलों का महत्व मेजर ध्यानचंद को स्थायी प्रतीक बनाए जाने के रूप में प्रदर्शित होता है, जिनकी जयंती 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है। महानतम हॉकी खिलाड़ियों में से एक माने जाने वाले ध्यानचंद अपने असाधारण गेंद नियंत्रण और गोल स्कोरिंग क्षमताओं के लिए विख्यात थे, जिसके कारण उन्हें “हॉकी के जादूगर” और “बाजीगर” की उपाधियां मिलीं। मेजर ध्यानचंद एकाग्रता, विनम्रता और राष्ट्रीय गौरव की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं जो युवा खिलाड़ियों की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है।
सरकार खेलों को युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के मुख्य स्तंभ के रूप में देखती है
दरअसल, भारत सरकार खेलों को युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के मुख्य स्तंभ के रूप में देखती है। इस विजन को आगे बढ़ाने के लिए, केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए युवा मामले और खेल मंत्रालय को 3,794 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया है। 2,191 करोड़ रुपये का एक बड़ा हिस्सा, केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के लिए आवंटित किया गया है, वित्त वर्ष 2014-15 में मंत्रालय को बजट आवंटन 1643 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में 130.9 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
भारत की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की
भारत को अन्य देशों की तुलना में अधिक जनसांख्यिकीय लाभ प्राप्त है। यहां की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है, जिससे यह विश्व में सबसे बड़ी युवा जनसंख्या वाला देश बन गया है। इस जनसांख्यिकीय लाभ की क्षमता को पहचानते हुए, युवा मामले और खेल मंत्रालय ने युवा विकास और खेल को बढ़ावा देने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसका उद्देश्य 2047 तक देश को विकसित भारत बनने के अपने लक्ष्य की ओर ले जाना है।
भारतीय खेल प्राधिकरण
युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) को खेलों को बढ़ावा देने और राष्ट्रीयता तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल उत्कृष्टता अर्जित करने के दोहरे उद्देश्यों का दायित्व सौंपा गया है।
लक्ष्य और उद्देश्य
निचले स्तर पर प्रतिभा स्काउटिंग और उत्कृष्टता के लिए प्रतिभा का पोषण
प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय अनुभव
वैज्ञानिक और खेल उपकरण तथा विज्ञान से जुड़े कर्मियों के साथ सहायता प्रशिक्षण
वैज्ञानिक मूल्यांकन प्रणाली के साथ प्रदर्शन की निगरानी कर उसे बेहतर बनाना
राष्ट्रीय टीमों का प्रशिक्षण और तैयारी
खेल अवसंरचना विकास और रखरखाव
दिल्ली में 4 स्टेडियम परिसरों और एक शूटिंग रेंज का रखरखाव तथा उन्नयन
खेल की विभिन्न स्पर्धाओं में उच्च क्षमता के कोच और शारीरिक शिक्षा देने वाले विशेषज्ञों को व्यापक आधार वाले खेलों में तैयार करना
एमवाईएएस जैसे खेलो इंडिया, एनएसएफ को सहायता, टॉप्स, फिट इंडिया की विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित करना
राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025
18 अगस्त, 2025 को लागू राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025, भारतीय खेल प्रशासन में एक ऐतिहासिक सुधार का प्रतिनिधित्व करता है। अधिनियम को एक एकीकृत ढांचा स्थापित करने के लिए लागू किया गया था जो ओलंपिक चार्टर, पैरालंपिक चार्टर और विश्वस्तरीय सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही, नैतिकता और एथलीट कल्याण सुनिश्चित करता है।
खेलो भारत नीति 2025
जुलाई 2025 में लॉन्च की गई, खेलो भारत नीति 2025 भारत के खेल इको-सिस्टम में एक आमूलचूल बदलाव का प्रतीक है। खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों द्वारा रखी गई नींव पर आधारित इस नीति का उद्देश्य खेलों को एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन और एक व्यवहार्य योग्य करियर के रूप में बदलना है, जो विकसित भारत के लक्ष्यों और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा के साथ जुड़ा हुआ है।
इसके प्रमुख तत्वों में शामिल हैं-
खेलो भारत नीति केवल एक नीति ही नहीं है – यह प्रतिभा को पोषित करने, प्रेरणादायक भागीदारी और भारत को एक अग्रणी खेल राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता भी है।
खेलो इंडिया–खेलों के विकास के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम
वित्त वर्ष 2016-17 में शुरू किया गया, खेलो इंडिया – राष्ट्रीय खेल विकास कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर भागीदारी और खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। सरकार द्वारा मजबूती से आगे बढ़ाई गई इस योजना को 2021 में 3,790.50 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ पांच साल के लिए विस्तार मिला, जिससे देश भर में खेल संस्कृति को पोषित करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को सुदृढ़ किया गया।